SAR Value क्या होता है और इसे कैसे Check करें?

समय  के साथ स्मार्टफोन का उपयोग काफी बढ़ गया है। आज सभी के पास बेहतर से बेहतर मोबाइल फ़ोन है।  स्मार्टफोन ने हमारी ज़िन्दगी काफी आसान कर दी है, पर इसके साथ कई तरह की परेशानियों से भी अगवत करवाया है। अगर आप भी मोबाइल फ़ोन का अत्यधिक इस्तेमाल करते है तो आपको यह जानना बहुत जरुरी है कि SAR Value क्या होता है और इसे कैसे Check  करें

मोबाइल फ़ोन पर कॉलिंग, SMS या इंटरनेट का इस्तेमाल करते वक़्त उसमे लगे Antenna Electromagnetic Waves के जरिए Signal  भेजते है। यह Signal कभी भी 100% लक्ष्य तक नहीं पहुंचते। यानि अगर आपके मोबाइल फ़ोन ने 100% Signal भेजे है तो इनमे से 75-80%  ही अपने लक्ष्य तक पहुंच पाएगा, बाकी के Signal आस-पास के वातावरण में फ़ैल जाएगा। ऐसा सिर्फ Signal भेजते वक़्त नहीं, बल्कि Signal प्राप्त करते वक़्त भी होता है।

सभी स्मार्टफोन से निकलने वाली इन किरणों को ही Mobile Radition कहते है। अब आपके मोबाइल फ़ोन से कितनी मात्रा में radiation निकलेगी, इसका सीधा अंदाजा आप अपने मोबाइल फ़ोन के उपयोग पर लगा सकते है। मेरा मतलब है यदि आप मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल कम करेंगे तो radiation की मात्रा कम और ज्यादा करेंगे तो radiation की मात्रा ज्यादा होगी।

ये भी पढ़े: Truecaller कैसे काम करता है: पूरी जानकारी

SAR Value क्या होता है? (What is SAR Value in Hindi)

sar value kya hai

SAR का मतलब Specific Absorption Rate होता है। यह Value बताता है कि कितना radio frequency (mobile radiation) हमारा शरीर Absorb कर सकता है। इसे Watt Per Kilogram (W/Kg) पर measure किया  जाता है।  भारत, USA और अन्य सभी देशो में FCC (Federal Communications Commission) ने standard SAR value 1.6W/Kg और यूरोप में 2.0W/Kg निर्धारित की है। आपको बता दे कि भारत, USA, आदि देशों में इस standard value को 1g real tissue को और यूरोप में 10g real tissue को ध्यान में रख कर सेट किया गया है।

SAR Value ज्यादातर head और body के लिए अलग-अलग होता है, क्यूंकि मोबाइल फ़ोन पर बात करते वक़्त सबसे नज़दीक आपका सर होता है। अगर आपके मोबाइल फ़ोन की SAR Value 1.6W/Kg है, तो इसका मतलब है आपके शरीर का प्रति किलो tissue maximum 1.6 Watt Power का radiation absorb कर सकता है।

आपके फीचर फ़ोन या स्मार्टफोन का SAR Value जितना कम होगा आपके शरीर के लिए वह उतना कम नुकसानदायक है। सभी mobile phone manufacturers को FCC द्वारा निर्धारित Radiofrequency(RF) exposure standard को follow करना अनिवार्य है। यदि किसी मोबाइल फ़ोन की SAR Value 1.6W/Kg से ज्यादा होगी तो उस कंपनी को मार्केट में फ़ोन बेचने की अनुमति नहीं मिलेगी।

SAR Value कैसे check करें?

SAR Value की जानकारी अक्सर मोबाइल फ़ोन के box पर ही दी होती है। सरकार के निर्देशानुसार सभी मोबाइल फ़ोन निर्माताओं को box पर ही SAR details देना mandatory है।

sar value kya hai - sar rating

अगर आपके मोबाइल फ़ोन का box उपलब्ध नहीं है, तो आप *#07# डायल करके SAR Value की जानकारी प्राप्त कर सकते है।

sar value kya hota hai - phone

हालांकि यह code लगभग सभी मोबाइल फ़ोन के लिए मान्य है, पर अगर आपका  फ़ोन बहुत ज्यादा पुराना है तो यह code काम नहीं कर रहा है, तो आप Google पर जाकर अपने मोबाइल फ़ोन मॉडल enter कर SAR Value की जानकारी प्राप्त कर सकते है।

SAR Testing कैसे होता है?

SAR Testing को human head और body की तरह बने standard models पर अंजाम दिया जाता है। इन models में liquid भरी होती है जो अलग-अलग human tissue के radiofrequency absorption powers को दर्शाती है। SAR testing के दौरान मोबाइल फ़ोन को Highest Power Level और सभी frequency में टेस्ट किया जाता है। इसके साथ इसे head और body के अलग-अलग हिस्से और दुरी पर रखकर robotic probe के द्वारा electric field का value note किया जाता है।

इन सभी data को equipment approval test report के रूप में final approval के लिए submit किया जाता है। इसके बाद हर एक frequency के highest SAR Value को FCC standard से match कर final report त्यार की जाती है।

ये भी पढ़े: इन 5 तरीको से बढ़ाएं अपने स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ

हमारे शरीर पर RF Radiation का क्या प्रभाव पड़ता है?

यदि आप मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल केवल जरुरत पड़ने पर या limited समय के लिए इंटरनेट use करने के लिए करते है, तो आपको SAR Value और radiation की चिंता करने की जरुरत नहीं है। आज स्मार्टफोन हमारी ज़िन्दगी का अहम् हिस्सा बन गया है, और इसे पूरी तरह से avoid करना नामुमकिन है। आपके फ़ोन का SAR Value जितना कम होगा, आपके सेहत के लिए उतना अच्छा है।

  • अधिक मात्रा में RF Radiation का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव बच्चें, बूढ़े और गर्ववती महिलाओं पर पड़ता है। इन उम्र और हालत में इनका शरीर सबसे ज्यादा radiation absorb  करता है।
  • खबरों की माने तो ज्यादा समय तक radiation में रहने से हमारे शरीर में कई तरह की परेशानी और बीमारी जैसे – थकान, सर दर्द, नींद न आना, पाचन में गड़बड़ी, यादाश्त कमज़ोर होना, आदि  हो सकती है। हालांकि वैज्ञानिक अभी भी  इन चीज़ो पर research कर रहे है।
  • कुछ डॉक्टरों के अनुसार RF radiation हमारे शरीर के लिए इतना खतरनाक है कि लम्बे समय तक absorption से brain tumor और cancer जैसी बीमारियां हो सकती हैं।

Radiation से बचने के कुछ तरीके

किसी बुद्धिमान व्यक्ति ने कहा है कि इलाज़ से सतर्कता भली। इसलिए यदि आप कुछ बातों का ध्यान रखे तो खुद को और अपने परिवार वालों को mobile radiation से बहुत हद तक बचा सकते है।

  • अपने शरीर को radiation से बचाने का सबसे अच्छा तरीका है कि mobile phone को शरीर से दूर रखे। जितना हो सके Loudspeaker या Wired Earphone या Headphone का इस्तेमाल करें। ध्यान रहे Bluetooth headset का इस्तेमाल जरुरत पड़ने पर ही करें।
  • अगर आप Lift, Garage, Train या किसी भी ऐसी जगह में है जहाँ network strength काफी कम है, तो मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल न करें। ऐसे समय में आपका फ़ोन high performing mode पर होता है और ज्यादा से ज्यादा signal प्राप्त करने की कोशिस में radiation की intensity बढ़ जाती है।
  • कई लोगो को mobile phone में alarm लगाकर सोने की आदत होती है और वह अपने फ़ोन को Pillow के निचे रखकर सोते है। ऐसा लम्बे समय तक करना आपके स्वास्थ के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। ऐसे situation में आप अपने फ़ोन को Aeroplane mode पर रखे, और अगर किसी कारणवश आप ऐसा नहीं कर सकते तो मोबाइल को खुद से दूर रखकर सोया करें।

मुझे उम्मीद है आपको SAR Value क्या होता है और इसे कैसे  Check करें  में दी गयी सारी जानकारी समझ में आ गयी होगी। मोबाइल फ़ोन का अविष्कार हमारी problems को दूर करने के लिए हुआ है, पर अगर आप इसका उपयोग सही तरीके से नहीं करें तो यह खुद हमारी लिए problems create कर सकती है। अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है तो निचे जरूर कमेंट करें और इस जानकारी को शेयर कर दुसरो तक पहुंचना न भूलें।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *