Generations of Computer Explained in Hindi | कंप्यूटर की पीढ़ियां

आज भले ही आप स्मार्टफोन पर ही अपने ज्यादातर काम कर लेते है, पर कंप्यूटर की जरुरत को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है। जिस तरह mobile networks (2G, 3G, 4G, etc) का विकास generations के रूप में हुआ है, ठीक उसी तरह कंप्यूटर के विकास को भी generations में बाटा गया है। आज हम आपको कंप्यूटर की पीढ़ियों (Generations of Computer) के बारे में विस्तार में जानकारी देने वाले है।

आज के समय में हम चारो ओर से Computers से घिरे हुए है। कंप्यूटर का use स्कूल, कॉलेज, ऑफिस, कंपनी, आदि सभी छेत्रों में हो रहा है। एक कंप्यूटर सिस्टम मुख्यता hardware और software से बनता है। कंप्यूटर Keyboard, Mouse आदि Input Devices से input लेता है, CPU की मदद से data process करता है, और Monitor, Printer, Projector, आदि Output Devices से result दिखाता है।

जरूर पढ़ें: 5G Network क्या है? 5G कैसे काम करेगा? 5G से क्या फायदा होगा? : पूरी जानकारी

संछेप में कंप्यूटर का इतिहास (Brief History of Computer)

charles babbage

कंप्यूटर का आविष्कार 19वीं शदी में महान साइंटिस्ट Charles Babbage ने किया था। इस वजह से उन्हें Father of Computer भी कहा जाता है। शुरुआती दौर में कंप्यूटर Vacuum Tubes की मदद से बनाया गया था। उस वक़्त यह काफी बड़े आकार और भारी वज़न का हुआ करता है।

फिर समय के साथ इसके hardware और software में काफी बदलाव आए। आज हम computers में Artificial Intelligence (AI) और Machine Learning जैसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते है। इस वजह से आप जितना समय अपने कंप्यूटर में बिताएंगे, आपका कंप्यूटर उतना ही आपको समझने लगेगा, और खुद ही बेहतर होता जाएगा।

First Generation of Computer (प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर)

first generation of computer

कंप्यूटर की पहली पीढ़ी सन्न 1946 – 1959 के बिच थी। उस वक़्त सदी के दो महान विज्ञानियों ने प्रथम सफल कंप्यूटर ENIAC (Electronic Numeric Integrated And Calculator) को बनाया था। हालांकि उस समय यह एक काफी बड़ी उपलब्धि थी, पर इसमें कई सारी कमियां भी थी। उदाहरण – ENIAC, UNIVAC, EDVAC, IBM-701, आदि।

विशेषताएं (Advantages of First Generation of Computer)

  • इस कंप्यूटर को Vacuum Tubes की मदद से बनाया गया था, जो उस वक़्त का एक-लौता electronic component था।
  • यह कंप्यूटर milliseconds में calculation कर सकता था।

कमियां (Disadvantages of First Generation of Computer)

  • उस वक़्त के कंप्यूटर काफी बड़े size के और भारी होते थे। कुछ कंप्यूटर का वजह तो 30 tonnes यानि लगभग 27,000 Kg था।
  • उन कंप्यूटर में Magnetic Drums का इस्तेमाल होता था, जिस वजह से वह small amount of information ही store कर पाते थे।
  • जैसा की मैंने बताया प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में Vacuum Tubes का इस्तेमाल होता था। इस वजह से काफी बड़े Cooling System की जरुरत पड़ती थी।
  • उन कंप्यूटर में input के लिए punch cards का इस्तेमाल होता था और programming करने के लिए काफी कम support था।
  • first generation के कंप्यूटर काफी महंगे होते थे।
  • इस generation के कंप्यूटर काफी ज्यादा energy consume करते थे।

Second Generation of Computer (दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर)

second generation of computer

कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी सन्न 1959 – 1965 के बिच थी। उस समय के सभी कंप्यूटर में vacuum tubes की जगह transistors का इस्तेमाल होने लगा था। इससे न सिर्फ computer की size और weight में फर्क पड़ा, बल्कि efficiency भी काफी बढ़ गयी। उदाहरण – Honeywell 400, IBM 7094, UNIVAC 1108, CDC 1604, etc.

Also Read: LTE और VoLTE क्या है? इन दोनों में क्या अंतर है?

Advantages:

  • Transistors के इस्तेमाल के कारण, electron component का size काफी कम हो गया। इस वजह से second generation के computer पहले के काफी छोटे size के बनने लगे।
  • कंप्यूटर को एक जगह से दूसरी जगह shift करना आसान हो गया।
  • इस generation के कंप्यूटर पहले से काफी fast work करने लगे। यह कंप्यूटर microseconds में calculation कर सकते थे।
  • Energy की खपत घट गयी और इस पीढ़ी के computer पहले ही तरह heat produce नहीं करते थे।
  • इन computer में input के लिए assembly language और punch cards का इस्तेमाल होता था।

Disadvantages:

  • इन Computers में एक cooling system की जरुरत थी।
  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर कुछ specific tasks के लिए ही use किए जा सकते थे।
  • second generation के सभी कंप्यूटर को constant maintenance की जरुरत पड़ती थी।

Third Generation of Computer (तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर)

कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी सन्न 1965 – 1971 के बिच थी। सन्न 1959 में Robert Noyce और Jack Kilby नाम के दो scientists ने Integrated Circuits (IC) का आविष्कार किया था। IC एक तरह का single component है  जिसमे कई सारे transistors लगे होते है। Third generation के computers भी IC पर निर्धारित होते थे और पहले से काफी advanced हो गए थे। उदाहरण – PDP-8, PDP-11, IBM 360, etc.

Advantages:

  • इस generation के कंप्यूटर पहले से काफी सस्ते होते थे।
  • IC chips के उपयोग से कंप्यूटर का size छोटा हो गया था। सिर्फ इतना ही नहीं, storage capacity बढ़ गयी थी और कंप्यूटर का performance भी काफी improve हुआ था।
  • इस समय के कंप्यूटर में input के लिए punch cards की जगह, keyboard और mouse का इस्तेमाल होने लगा था।
  • Third generation के कंप्यूटर में operating system का भी use होता था, जो time-sharing, multiple programming और resource-management जैसे advanced features के साथ आता था।
  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर nanoseconds में calculation करने में सक्षम थे।

Disadvantages:

  • IC Chips को maintain करना मुश्किल था।
  • IC Chips को large quantity और बेहतर तरीके से बनाने के लिए एक technology की जरुरत थी।
  • कंप्यूटर को सुचारु रूप से चलाने के लिए Air-Conditioning की भी जरुरत थी।

Fourth Generation of Computer (चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर)

fourth generation of computer

कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी सन्न 1971 – 1980 के बिच थी। इस generation के कंप्यूटर Microprocessor पर based होते थे। अब कम्प्यूटर्स में Graphics User Interface (GUI) का इस्तेमाल भी शुरू हो गया था, जिससे users आसानी से computer का इस्तेमाल कर सकते थे। Microprocessor की बात करें तो इसका इस्तेमाल logical और arithmetic functions के लिए होता था। उदाहरण – IBM 4341, DEC 10, STAR 1000, etc.

Advantages:

  • इस generation के कंप्यूटर सबसे fast होते थे।
  • कंप्यूटर की size और भी छोटी हो गयी थी, और heating की परेशानी लगभग खत्म हो चुकी थी।
  • Maintenance की जरुरत कम पड़ती थी।
  • सभी तरह के High-level language का use कर सकते थे।

Disadvantages:

  • Microprocessor का design और fabrication प्रोसेस काफी complex था।
  • अभी भी ICs के manufacturing के लिए advance technology की जरुरत थी।

Fifth Generation of Computer (पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर)

fifth generation of computer

Also Read: Truecaller कैसे काम करता है? ; पूरी जानकारी

सन्न 1980 के बाद का समय कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी कहा जाता है। यह जमाना Desktop, Laptop, Notebook, Ultrabook, Chromebook, आदि जैसे latest products से भरा हुआ है। इस generation काmajor focus natural language input और Artificial Intelligence (AI) पर है।

इस generation का मुख्य उद्देश्य है कि computer हमारी भाषा समझ पाए, और खुद से चीज़े सिखने (self-learning) और decision लेने में सक्षम हो। पांचवी पीढ़ी ULSI ((Ultra Large Scale Integration) टेक्नोलॉजी पर आधारित है जिसकी मदद से हम ऐसे microprocessor chips बना सकते है जिसमे 10 मिलियन electronic component लगे हो।

Advantages of Fifth Generation of Computer:

  • इस जनरेशन के कंप्यूटर अलग-अलग sizes और features के साथ available है।
  • User interface पहले से कई गुना बेहतर हो चूका है।
  • कंप्यूटर पहले से ज्यादा reliable और faster काम करता है।

Disadvantages of Fifth Generation of Computer:

  • Low-level languages का use अभी भी काफी areas में होता है।

मुझे उम्मीद है आपको यह आर्टिकल Generations of Computer (कंप्यूटर की पीढ़ियां) पसंद आया होगा, और आप समझ गए होंगे कि आज हम जिन High Speed और Performance वाले computers का या laptops का use कर रहे है, उनका विकास किस तरह हुआ है। अगर आपके मन में इस topic से जुड़ा अभी भी कोई सवाल है तो, निचे कमेंट जरूर करें। साथ ही आप, यह आर्टिकल अपने दोस्तों से शेयर कर उनकी मदद भी कर सकते है।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *